मिडिल ईस्ट में फिर बढ़ा संकट, समुद्री व्यापार पर खतरा
होर्मुज़ स्ट्रेट में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान ने तीन मालवाहक जहाज़ों को निशाना बनाने के बाद दो जहाज़ों को ज़ब्त कर लिया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ युद्धविराम की समय सीमा बढ़ाने की घोषणा की है।
क्या हुआ होर्मुज़ स्ट्रेट में?
यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के अनुसार, बुधवार को होर्मुज़ स्ट्रेट में तीन कार्गो जहाज़ों पर हमले हुए।
पहले जहाज़ पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने फायरिंग की।
“Hormuz Strait tension Iran cargo ships attack”
ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक:
“यूफ़ोरिया” नामक जहाज़ को निशाना बनाया गया
दो अन्य जहाज़ — MSC Francesca और Epaminondas — को कब्जे में लेकर ईरान के तट की ओर मोड़ दिया गया
IRGC ने दावा किया कि ये जहाज़:
बिना वैध परमिट के संचालन कर रहे थे
नेविगेशन सिस्टम में छेड़छाड़ कर रहे थे
अमेरिका-ईरान तनाव और बढ़ा
डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार रात युद्धविराम की अवधि को अनिश्चित समय के लिए बढ़ा दिया, लेकिन साथ ही होर्मुज़ स्ट्रेट की नाकेबंदी जारी रखने का फैसला भी किया।
इस कदम का उद्देश्य:
- पाकिस्तान में होने वाली संभावित वार्ता से पहले ईरान पर दबाव बनाना
- हालांकि, बातचीत को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है:
- अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान दौरे पर नहीं गए
- ईरान ने ट्रंप के बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी
- ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ के सलाहकार महदी मोहम्मदी ने युद्धविराम को “रणनीतिक चाल” बताया।
उनके बयान के मुख्य बिंदु:
“हारने वाला पक्ष शर्तें तय नहीं कर सकता”
“नाकेबंदी बमबारी से अलग नहीं है”
“इसका जवाब सैन्य कार्रवाई से दिया जाएगा”
उन्होंने यह भी कहा कि:
“ट्रंप युद्धविराम बढ़ाकर अचानक हमला करने की तैयारी कर रहे हैं”
वैश्विक असर: तेल और व्यापार पर खतरा
होर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है।
यहां तनाव बढ़ने से:
वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल संभव
अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और व्यापार पर खतरा
निष्कर्ष
होर्मुज़ में बढ़ती सैन्य गतिविधियां यह संकेत दे रही हैं कि मिडिल ईस्ट में हालात तेजी से बिगड़ सकते हैं।
यदि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जल्द शुरू नहीं होती, तो यह तनाव बड़े संघर्ष का रूप ले सकता है।

