डेस्क नई दिल्ली । Devender Yadav ने दक्षिण दिल्ली के Rangpuri Pahadi क्षेत्र का दौरा कर वहां चल रहे गंभीर जल संकट का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि क्षेत्र के करीब 20,000 निवासियों को पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।
बोरवेल सील होने से बढ़ा संकट
रंगपुरी पहाड़ी में पानी की समस्या तब गंभीर हो गई जब इलाके के छह भूजल बोरवेलों को सील कर दिया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, अदालत में गलत और भ्रामक जानकारी प्रस्तुत किए जाने के आधार पर यह कार्रवाई हुई, जिससे हजारों लोग पानी से वंचित हो गए।
गर्मी के बीच बढ़ी परेशानी
दिल्ली में भीषण गर्मी की शुरुआत के साथ ही पानी की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे समय में बोरवेल बंद होने से स्थिति और बिगड़ गई है। लोगों का कहना है कि यह उनके जीवन के मौलिक अधिकार का उल्लंघन है।
टैंकर व्यवस्था में भारी कमी
न्यायालय के निर्देशानुसार प्रभावित क्षेत्र में 20 पानी के टैंकरों की व्यवस्था की जानी थी, लेकिन जमीनी स्तर पर केवल 2-3 टैंकर ही उपलब्ध हैं। इससे लोगों को लंबी कतारों और भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कांग्रेस का सख्त रुख
Delhi Pradesh Congress Committee के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि पार्टी इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है और प्रभावित नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में न्यायालय में सही तथ्य प्रस्तुत किए जाएंगे और जरूरत पड़ने पर जनआंदोलन व विरोध प्रदर्शन भी किया जाएगा।
स्थानीय नेताओं की सक्रियता
इस मुद्दे को पूर्व विधायक Devinder Sehrawat ने भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने क्षेत्र का दौरा कर लोगों की समस्याएं सुनीं और जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया। उनके साथ कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता और स्थानीय प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
सरकार पर उठे सवाल
स्थानीय निवासियों ने पानी की समस्या को लेकर मौजूदा दिल्ली सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पानी की आपूर्ति को लेकर किए गए वादे अब तक पूरे नहीं हुए हैं।
निष्कर्ष
रंगपुरी पहाड़ी का जल संकट अब एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बनता जा रहा है। 20,000 लोगों के लिए पीने के पानी जैसी बुनियादी जरूरत का अभाव प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर कानूनी और राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।

