एफओएपी–एकेटीयू में दो दिवसीय स्टूडेंट स्टार्टअप अवेयरनेस प्रोग्राम का आयोजन, नवाचार और उद्यमिता पर हुआ मंथन
स्टार्टअप विशेषज्ञों, उद्यमियों और विद्यार्थियों ने साझा किए अनुभव; अपसाइक्लिंग, सतत विकास और नए व्यावसायिक अवसरों पर दिया जोर
लखनऊ । डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू), लखनऊ के वास्तुकला एवं नियोजन संकाय (एफओएपी) स्थित नवाचार इनक्यूबेशन सेंटर की ओर से 13 और 14 अक्टूबर 2026 को दो दिवसीय ‘स्टूडेंट स्टार्टअप अवेयरनेस एंड इनोवेशन प्रमोशन प्रोग्राम’ का आयोजन किया गया। ‘फ्रॉम आइडियाज टू एंटरप्राइज – स्टार्ट बिल्डिंग योर टुमॉरो’ थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को नवाचार एवं उद्यमिता के प्रति प्रोत्साहित करना और उनके विचारों को व्यावहारिक तथा व्यावसायिक रूप से सफल उद्यमों में बदलने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करना था।
कार्यक्रम के दौरान स्टार्टअप विशेषज्ञों, उद्यमियों, वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधियों और सामाजिक उद्यमियों ने विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव साझा किए। विभिन्न सत्रों में स्टार्टअप पंजीकरण, व्यवसाय विकास, वित्तीय सहायता, वैधानिक अनुपालन, बाजार की संभावनाओं और सतत व्यावसायिक मॉडल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को बताए स्टार्टअप विकास के व्यावहारिक पहलू
कार्यक्रम में रणनीतिक सलाहकार एवं स्टार्टअप इकोसिस्टम विशेषज्ञ विकास कालरा, एकेटीयू के एसोसिएट डीन (इनोवेशन) डॉ. अनुज कुमार शर्मा, भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) के सहायक महाप्रबंधक सचिन मोदी, ‘मिस्टर प्रोफेशनल’ के सह-संस्थापक एवं स्टार्टअप इंडिया के मेंटर सुनील जायसवाल तथा प्रख्यात सामाजिक उद्यमी, लखनऊ फार्मर्स मार्केट और अवध मैंगो ग्रोअर्स एसोसिएशन की संस्थापक ज्योत्सना कौर हबीबुल्लाह ने विद्यार्थियों के साथ अपने विचार साझा किए।
विशेषज्ञों ने प्रभावी व्यवसाय नियोजन, संस्थागत मार्गदर्शन, स्टार्टअप पंजीकरण, वैधानिक अनुपालन, वित्तपोषण के अवसरों, सामाजिक उद्यमिता और सतत व्यवसाय विकास के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। संवाद के दौरान विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन की समस्याओं की पहचान कर उनके अभिनव और व्यावहारिक समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।
स्क्रैपशाला की मधु शाह ने अपसाइक्लिंग और सतत आजीविका पर किया संवाद
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण स्क्रैपशाला की संस्थापक मधु शाह के साथ आयोजित संवादात्मक सत्र रहा। लगभग एक दशक से अपसाइक्लिंग और सतत आजीविका सृजन के क्षेत्र में कार्यरत स्क्रैपशाला के अनुभवों के माध्यम से विद्यार्थियों को अनुपयोगी समझकर फेंक दी जाने वाली सामग्रियों में छिपी रचनात्मक और व्यावसायिक संभावनाओं से परिचित कराया गया।
लगभग 100 से 150 विद्यार्थियों की सहभागिता वाले इस सत्र में अपसाइक्लिंग के महत्व, त्यागी गई सामग्रियों से उपयोगी उत्पाद तैयार करने की संभावनाओं तथा डिजाइन के सिद्धांतों के माध्यम से अर्थपूर्ण और कार्यात्मक उत्पाद विकसित करने पर चर्चा हुई।
सैद्धांतिक चर्चा के बाद विद्यार्थियों ने व्यावहारिक गतिविधियों में हिस्सा लिया। इन गतिविधियों के दौरान उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक कचरे और कागज के अपशिष्ट को दोबारा उपयोग में लाने की प्रक्रिया को समझा। साथ ही, त्यागी गई सामग्रियों की मदद से विजन बोर्ड भी तैयार किए।
स्क्रैपशाला की टीम से मधु शाह, मधुशा और अनिश कुमार ने सत्र का संचालन किया। इस गतिविधि ने विद्यार्थियों को कचरे के प्रति अपना दृष्टिकोण बदलने, रचनात्मकता को अपनाने और संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग के माध्यम से पर्यावरण के अनुकूल उत्पाद विकसित करने की संभावनाओं को समझने का अवसर दिया।
चक्रीय अर्थव्यवस्था और सतत डिजाइन पर रहा विशेष जोर
कार्यक्रम के दौरान रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से यह समझाने का प्रयास किया गया कि अनुपयोगी सामग्रियों को किस प्रकार उपयोगी, आकर्षक और मूल्यवर्धित उत्पादों में बदला जा सकता है। इस पहल ने चक्रीय अर्थव्यवस्था, संसाधनों के पुनः उपयोग और पर्यावरण अनुकूल उत्पाद निर्माण को उद्यमिता के संभावनाशील क्षेत्रों के रूप में रेखांकित किया।
कार्यक्रम के विभिन्न सत्रों ने विद्यार्थियों को विचार से उद्यम तक की यात्रा को समझने का अवसर दिया। विशेषज्ञों के मार्गदर्शन और व्यावहारिक गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों को ऐसे व्यावसायिक विचारों की पहचान करने के लिए प्रोत्साहित किया गया, जो आर्थिक रूप से व्यवहार्य होने के साथ-साथ समाज और पर्यावरण के लिए भी उपयोगी हों।
प्रो. वंदना सहगल और प्रो. ऋतु गुलाटी के मार्गदर्शन में हुआ आयोजन
इस दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन प्रो. (डॉ.) वंदना सहगल और प्रो. (डॉ.) ऋतु गुलाटी के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम के समन्वय में आर्किटेक्ट गौरव सिंह, आर्किटेक्ट दीप्ति सागर, आर्किटेक्ट प्रियंका रस्तोगी और अंकित जैन की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इस पहल के माध्यम से एफओएपी–एकेटीयू के नवाचार इनक्यूबेशन सेंटर ने विद्यार्थियों के बीच नवाचार, अनुभवात्मक शिक्षण, उद्यमिता और सतत विकास की संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
StartupTrak रहा कार्यक्रम का डिजिटल मीडिया पार्टनर
स्टार्टअप, उद्यमिता और नवाचार पर केंद्रित डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म StartupTrak इस कार्यक्रम का डिजिटल मीडिया पार्टनर रहा। इस साझेदारी का उद्देश्य विद्यार्थियों के नवाचार, उभरते उद्यमियों की प्रेरणादायक कहानियों और स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़ी पहलों को व्यापक पाठक वर्ग तक पहुंचाना है।
StartupTrak स्टार्टअप, उद्यमिता, नवाचार और स्टार्टअप इकोसिस्टम से संबंधित खबरों, अनुभवों और अवसरों को सामने लाने के लिए कार्यरत एक डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म है। कार्यक्रम में इसकी भागीदारी ने शैक्षणिक संस्थानों में नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने वाली पहलों को डिजिटल माध्यम से अधिक लोगों तक पहुंचाने के महत्व को भी रेखांकित किया।