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देवेन्द्र यादव की LG तरणजीत सिंह संधू से मुलाकात, दिल्ली की समस्याओं पर उठी  आवाज

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू से मुलाकात कर किसानों के सर्किल रेट, बेरोजगारी, महंगाई, कानून व्यवस्था, जल संकट और प्रदूषण जैसे मुद्दों पर चर्चा की। जानें पूरी खबर।

नई दिल्ली | दिल्ली की राजनीति और विकास को लेकर एक अहम मुलाकात आज उस समय हुई जब देवेन्द्र यादव, अध्यक्ष दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी, ने नवनियुक्त उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू से औपचारिक भेंट की। इस दौरान उन्होंने उपराज्यपाल को पर्यावरण का प्रतीक पौधा भेंट कर उनका स्वागत किया और दिल्ली की ज्वलंत समस्याओं पर गंभीर चर्चा की।

औपचारिक स्वागत के साथ विकास पर चर्चा

उपराज्यपाल ने इस मुलाकात का गर्मजोशी से स्वागत किया। देवेन्द्र यादव ने कहा कि भले ही सरकारों की प्राथमिकताएं अलग-अलग हों, लेकिन दिल्ली के हर नागरिक के लिए समान रूप से विकास कार्य होना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि नए उपराज्यपाल दिल्ली को “विकसित दिल्ली” बनाने में अग्रणी भूमिका निभाएंगे।

किसानों के लिए बड़ी मांग

मुलाकात के दौरान यादव ने एक अहम मुद्दा उठाते हुए कहा कि:

  • कृषि भूमि के सर्किल रेट को 53 लाख से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये किया जाना चाहिए
  •  दिल्ली में “स्मार्ट गाँव” नीति लागू की जानी चाहिए

उन्होंने बताया कि किसानों के लिए जमीन ही आजीविका का मुख्य साधन है और भूमि अधिग्रहण के बाद उनके रोजगार खत्म हो जाते हैं।

बेरोजगारी, महंगाई और कानून व्यवस्था पर चिंता

देवेन्द्र यादव ने दिल्ली में बढ़ती:

  • बेरोजगारी
  • महंगाई
  • अपराध (महिलाओं के खिलाफ अपराध, गोलीबारी, किडनैपिंग)
  • नशे का बढ़ता कारोबार

पर गंभीर चिंता जताई और तुरंत ठोस कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध दिल्ली में डर का माहौल पैदा कर रहे हैं।

जल संकट से लेकर प्रदूषण तक—बड़े मुद्दे उठे

यादव ने दिल्ली की बुनियादी समस्याओं को भी जोरदार तरीके से रखा:

  • बढ़ता जल संकट
  • वायु प्रदूषण
  • जहरीली यमुना की सफाई
  • जलभराव और खराब सड़कें
  • डीटीसी बसों की कमी

उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक की नीतिगत विफलताओं के कारण दिल्ली की स्थिति बदहाल हो चुकी है।

झुग्गी बस्तियों पर सियासत तेज

यादव ने दिल्ली सरकार द्वारा झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों को हटाने की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के गरीबों को उजाड़ना बेहद दुखद है और यह वादों के विपरीत है।

70% आबादी की बदहाल जिंदगी पर चिंता

दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों, पुनर्वास कॉलोनियों और जे.जे. क्लस्टर में रहने वाली 70% से अधिक आबादी की स्थिति को “नरकीय” बताते हुए उन्होंने कहा कि:

  • गंदगी और कूड़ा प्रबंधन की समस्या गंभीर है
  • लैंडफिल साइट्स और सीवर ट्रीटमेंट प्लांट असफल साबित हो रहे हैं

 उपराज्यपाल का आश्वासन

उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने सभी मुद्दों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि दिल्ली के नागरिकों के हितों और विकास को ध्यान में रखते हुए योजनाओं पर काम किया जाएगा।

निष्कर्ष

यह मुलाकात केवल औपचारिक नहीं, बल्कि दिल्ली के भविष्य को लेकर एक महत्वपूर्ण संवाद साबित हो सकती है। अब देखना होगा कि उठाए गए मुद्दों पर कितनी तेजी से कार्यवाही होती है और क्या दिल्ली को वास्तव में “विकसित शहर” बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाते हैं।

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