नई दिल्ली। वैश्विक स्वास्थ्य सेवा कंपनी नोवो नॉर्डिस्क ने भारत में ओजेम्पिक® (सेमाग्लुटाइड इंजेक्शन) के लॉन्च की घोषणा की है। यह दवा उन वयस्क मरीजों के लिए है जिनमें टाइप-2 डायबिटीज मेलिटस आहार और व्यायाम के बावजूद पर्याप्त नियंत्रित नहीं हो पा रही है।
ओजेम्पिक® एक साप्ताहिक एक बार दिया जाने वाला जीएलपी-1 रिसेप्टर एगोनिस्ट (GLP-1 RA) है, जिसे उपयोगकर्ता-अनुकूल फ्लेक्सटच® पेन के माध्यम से दिया जाता है। यह दवा बेहतर ग्लाइसेमिक कंट्रोल, वजन घटाने तथा हृदय और किडनी सुरक्षा में सहायक मानी जा रही है।
भारत में बढ़ती डायबिटीज की चुनौती
डब्ल्यूएचओ के 2023-24 अनुमानों के अनुसार, भारत में लगभग 10.1 करोड़ लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं, जो कुल जनसंख्या का 11.4 प्रतिशत है। इसके साथ ही 13.6 करोड़ लोग प्री-डायबिटीज और 25.4 करोड़ लोग मोटापे से ग्रस्त हैं। ऐसे में प्रमाण-आधारित और प्रभावी उपचार विकल्पों की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है।
क्लिनिकल रूप से सिद्ध लाभ
क्लिनिकल ट्रायल्स में ओजेम्पिक® ने HbA1c स्तर को प्रभावी रूप से कम करने के साथ-साथ महत्वपूर्ण वजन घटाने में भी सकारात्मक परिणाम दिखाए हैं। यह विशेष रूप से उन मरीजों के लिए उपयोगी है जिनका HbA1c ≥7% है और जिनमें हृदय जोखिम या पहले से हृदय रोग मौजूद है।
इसके अतिरिक्त, यह दवा हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी प्रमुख हृदय घटनाओं के जोखिम को कम करती है और किडनी रोग की प्रगति को धीमा करने में भी मदद करती है।
कंपनी का बयान
नोवो नॉर्डिस्क इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर विक्रांत श्रोत्रिया ने कहा कि भारत में ओजेम्पिक® का लॉन्च कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह भारतीय चिकित्सकों को एक ऐसा विकल्प प्रदान करता है जो बेहतर ग्लाइसेमिक कंट्रोल, वजन प्रबंधन और हृदय-किडनी सुरक्षा को एक साथ संबोधित करता है।

उन्होंने बताया कि ओजेम्पिक® 20 वर्षों के अनुसंधान और 38 मिलियन से अधिक मरीज-वर्षों के डेटा पर आधारित है। हाल ही में इसे डब्ल्यूएचओ की एसेंशियल मेडिसिन्स मॉडल लिस्ट में भी शामिल किया गया है।
उपलब्ध डोज
ओजेम्पिक® भारत में 0.25 mg, 0.5 mg और 1 mg डोज में उपलब्ध है, जिसे चिकित्सक की सलाह के अनुसार टाइट्रेशन के साथ उपयोग किया जा सकता है।
नोवो नॉर्डिस्क के बारे में
1923 में स्थापित और डेनमार्क स्थित मुख्यालय वाली नोवो नॉर्डिस्क एक सदी से अधिक समय से डायबिटीज देखभाल के क्षेत्र में अग्रणी रही है। कंपनी 80 देशों में कार्यरत है और इसके उत्पाद 170 से अधिक बाजारों में उपलब्ध हैं।







