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अवैध कैद के आरोप निराधार, मामला कैमरून की अदालत में लंबित: सतगुरु ट्रैवल

On: Monday, January 12, 2026 5:44 PM
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नई दिल्ली। सतगुरु ट्रैवल एंड टूर्स सर्विसेज ने श्री धीरज जैन द्वारा लगाए जा रहे “अवैध कैद” के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें भ्रामक और तथ्यहीन बताया है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह मामला किसी भी प्रकार की कैद या दबाव से संबंधित नहीं है, बल्कि कैमरून गणराज्य में दर्ज पंजीकृत आपराधिक मामलों से जुड़ा हुआ है, जिन पर वहां की सक्षम न्यायिक एजेंसियां कार्रवाई कर रही हैं।

कंपनी के अनुसार, संबंधित घटनाएं कैमरून में हुईं, जिनमें कथित मनगढ़ंत लूट, ग्राहकों की धनराशि को अवैध रूप से रोकने और गबन करने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। इन्हीं मामलों के तहत कैमरून के कानून के अनुसार विधिक प्रक्रिया अपनाई गई और डुआला टेरिटोरियल जेंडरमेरी ग्रुप, राष्ट्रीय जेंडरमेरी तथा रक्षा मंत्रालय के समक्ष औपचारिक शिकायतें दर्ज की गईं।

प्रारंभिक जांच और उपलब्ध दस्तावेज़ी साक्ष्यों, ग्राहकों के बयानों तथा वित्तीय रिकॉर्ड की समीक्षा के बाद न्यायिक पुलिस अधिकारी द्वारा आधिकारिक रिपोर्ट दर्ज की गई। इसके आधार पर श्री धीरज जैन के विरुद्ध कई आपराधिक मामले पंजीकृत किए गए, जिनमें कुल वित्तीय राशि लगभग 99,107 अमेरिकी डॉलर बताई जा रही है।

सतगुरु ट्रैवल ने स्पष्ट किया कि जांच और प्रारंभिक साक्ष्यों की समीक्षा के पश्चात सक्षम कैमरूनियन न्यायालय ने श्री जैन को आगे की जांच और सुनवाई लंबित रहने तक न्यायिक हिरासत में रखने का निर्णय लिया। यह निर्णय पूरी तरह स्वतंत्र न्यायिक प्रक्रिया के तहत लिया गया था, जिसमें कंपनी की कोई भूमिका या हस्तक्षेप नहीं था। कंपनी का कहना है कि इस वैधानिक न्यायिक प्रक्रिया को “कैद” या “बंधक” के रूप में प्रस्तुत करना तथ्यात्मक रूप से गलत है।

कंपनी ने यह भी बताया कि इस पूरे मामले के दौरान कैमरून स्थित भारत के उच्चायोग को नियमित रूप से सूचित रखा गया है और उसके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह निराधार हैं।

मानवीय आधार पर सहयोग का उल्लेख करते हुए सतगुरु ट्रैवल ने कहा कि, चल रही कानूनी प्रक्रिया के बावजूद, कंपनी ने श्री धीरज जैन के परिवार को सहयोग प्रदान किया है। इसमें आवास और भोजन की व्यवस्था, 31 दिसंबर 2025 तक आवास व्यय का भुगतान तथा उनकी पत्नी और बच्चे की भारत वापसी के लिए संपूर्ण यात्रा व्यय वहन करने की औपचारिक प्रतिबद्धता शामिल है।

कंपनी के अनुसार, दिसंबर 2025 में स्वयं को श्री जैन के परिवार का प्रतिनिधि बताने वाले एक व्यक्ति ने सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए संपर्क किया था। चर्चा के बाद राशि पर सहमति बनी, लेकिन दो दिनों के भीतर ही उस प्रतिनिधि ने समझौते से पीछे हटने का निर्णय लिया।

सतगुरु ट्रैवल ने दोहराया कि यह मामला फिलहाल कैमरून की सक्षम अदालतों के समक्ष विचाराधीन है और इसका निर्णय केवल कानून, साक्ष्यों और न्यायिक समीक्षा के आधार पर ही होगा। कंपनी ने मीडिया और जनता से अपील की है कि वे सत्यापित तथ्यों और भ्रामक दावों के बीच स्पष्ट अंतर करें और न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करें।

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