नई दिल्ली। Tourism Malaysia ने SATTE 2026 में अपनी भागीदारी से पहले आयोजित एक उच्चस्तरीय प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय आउटबाउंड ट्रैवल मार्केट के प्रति अपनी मजबूत प्रतिबद्धता को दोहराया। यह कार्यक्रम ऐसे समय में आयोजित किया गया है जब मलेशिया ‘विजिट मलेशिया ईयर 2026 (VM2026)’ के तहत अपनी वैश्विक पर्यटन रणनीति को तेज़ी से आगे बढ़ा रहा है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को टूरिज्म मलेशिया के चेयरमैन Datuk Manoharan Periasamy ने संबोधित किया। इस अवसर पर भारत में मलेशिया के हाई कमिश्नर Dato’ Muzafar Shah Mustafa, प्रमुख ट्रैवल ट्रेड पार्टनर, एयरलाइन प्रतिनिधि, टूरिज्म स्टेकहोल्डर्स और मीडिया के सदस्य उपस्थित रहे।
अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी
आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में मलेशिया में कुल 42.2 मिलियन अंतरराष्ट्रीय पर्यटक पहुंचे, जो 2024 की तुलना में 14.6 प्रतिशत अधिक है। भारत मलेशिया के सबसे डायनैमिक सोर्स मार्केट में शामिल हो चुका है, जहां से वर्ष 2025 में 1.6 मिलियन से अधिक भारतीय पर्यटक मलेशिया पहुंचे। यह लगातार बढ़ती मांग और भारतीय बाजार के मजबूत भरोसे को दर्शाता है।
भारत की भूमिका अहम
चेयरमैन दातुक मनोहरन पेरियासामी ने कहा कि मलेशिया की अंतरराष्ट्रीय पर्यटन रणनीति में भारत की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारतीय पर्यटकों की संख्या में तेज़ वृद्धि, दोनों देशों के मजबूत द्विपक्षीय संबंधों और मलेशिया को एक सुरक्षित, विविध और हाई-वैल्यू डेस्टिनेशन के रूप में बढ़ते उपभोक्ता विश्वास को दर्शाती है।
लेज़र, MICE और वेडिंग सेगमेंट में बढ़ा उत्साह
हाई कमिश्नर दातो मुज़फ़्फ़र शाह मुस्तफा ने कहा कि भारतीय बाजार ने लेज़र ट्रैवल, MICE (मीटिंग्स, इंसेंटिव्स, कॉन्फ्रेंस और एग्ज़िबिशन), वेडिंग और प्रीमियम ट्रैवल सेगमेंट में मलेशिया के लिए जबरदस्त उत्साह दिखाया है।
उन्होंने आगे कहा कि विस्तारित एयर कनेक्टिविटी, भारतीय नागरिकों के लिए वीज़ा-फ्री एंट्री की सुविधा और मज़बूत इंडस्ट्री पार्टनरशिप के चलते वर्ष 2026 में और भी तेज़ ग्रोथ की उम्मीद है।
VM2026 को लेकर रणनीतिक तैयारी
SATTE 2026 से पहले यह सहभागिता मलेशिया की भारत-केंद्रित रणनीति को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। टूरिज्म मलेशिया का लक्ष्य VM2026 के माध्यम से भारत से अधिक पर्यटकों को आकर्षित करना और दोनों देशों के पर्यटन सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है।
इस पहल से न केवल मलेशिया के पर्यटन क्षेत्र को मजबूती मिलेगी, बल्कि भारत-मलेशिया के बीच आर्थिक और सांस्कृतिक रिश्ते भी और सशक्त होंगे।








