नई दिल्ली | 23 सितम्बर 2025 राजधानी दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आरोग्य सृजन न्यास के तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय युवा स्वास्थ्य जागरूकता सम्मेलन में देशभर से आए सैकड़ों युवा प्रतिनिधियों और विशेषज्ञों ने भाग लिया। सम्मेलन का उद्देश्य युवाओं में स्वस्थ जीवनशैली, मानसिक संतुलन और पर्यावरण की महत्ता को रेखांकित कर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना था।
मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री डॉ. रविन्द्र शुक्ल ने अपने भाषण में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के विज़न को साकार करने के लिए स्वस्थ युवा-शक्ति आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे स्वास्थ्य को अपनी प्राथमिकता बनाएं और नियमित जीवनशैली अपनाएँ।
विशिष्ट अतिथियों में शामिल रहे श्री अमिताभ खरे (पूर्व प्रशासनिक अधिकारी), जिन्होंने स्वस्थ शरीर, संतुलित मन और जाग्रत चेतना के समन्वय की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। डॉ. नीलम सिंह ने युवाओं को प्रेरित किया तो पर्यावरण विशेषज्ञ श्री वीरेन्द्र सूर्यवंशी ने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण के बिना स्वस्थ जीवन संभव नहीं। कॉरपोरेट ट्रेनर डॉ. उमेश शर्मा ने तनाव प्रबंधन और सकारात्मक सोच के व्यावहारिक उपाय साझा किए।
कार्यक्रम के समापन पर कई विशिष्ट व्यक्तित्वों को स्वास्थ्य क्षेत्र में योगदान के लिये सम्मानित किया गया, जिनमें प्रमुख रूप से श्रीमती सविता सिंह, श्री सोनू कुमार, श्री तरुण कुमार, श्री वैभव सिंहा और श्री अजय कुमार झा शामिल थे। कार्यक्रम का संचालन श्री सोनू कुमार ने किया जबकि समापन पर श्री यज्ञदेव चौबे ने सभी का आभार व्यक्त किया।
इस सम्मेलन ने युवाओं में स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति सजगता बढ़ाने तथा विकसित भारत के लक्ष्यों को युवा शक्ति से जोड़ने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजकों का कहना है कि ऐसे कार्यक्रम आने वाले समय में समुदाय-आधारित स्वास्थ्य सुधार को गति देंगे।
मुख्य संदेश: स्वस्थ युवा ही सशक्त और विकसित भारत का आधार हैं।







