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दिल्ली में बीजेपी सरकार की शिक्षा प्रबंधन की नाकामी को दर्शाता है

दिसम्बर, 2025 से शिक्षा निदेशालय की वेबसाइट बंद होना दिल्ली में बीजेपी सरकार की शिक्षा प्रबंधन की नाकामी को दर्शाता हैदेवेन्द्र यादव ।


शिक्षा निदेशालय की वेबसाईट बंद होने का एक बड़ा कारण प्राईवेट स्कूलों में ईब्ल्यूएस केटेगरी के दाखिलों में धांधली भी हो सकती है क्योंकि लिस्ट शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी की जाती हैदेवेन्द्र यादव ।

नई दिल्ली, 14 फरवरी, 2026 – दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि दिसम्बर, 2025 से शिक्षा निदेशालय की वेबसाईट बंद पड़ी है जब 10वीं और 12वीं के बोर्ड की परीक्षाएं होने वाली है। वेबसाईट बंद होने से छात्रों की सुविधा के पाठ्क्रम तक उपलब्ध नही हो रहे है और गेस्ट अतिथि शिक्षकों के वेतन पिछले 3 महीनों से नही मिल रहा है। उन्होंने कहा कि वेबसाईट बंद होने का एक बड़ा कारण प्राईवेट स्कूलों में ईब्ल्यूएस केटेगरी के दाखिलों में धांधली भी हो सकती है क्योंकि लिस्ट शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी की जाती है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार दिल्ली के सरकारी स्कूलों में धरातल पर आ चुके शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने की जगह बर्बाद कर देना चाहती है।

श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि शिक्षा निदेशालय की वेबसाईट ठप्प होने के कारण गेस्ट टीचरों की ऑनलाईन उपस्थिति, स्कूल खर्चां का वित्तीय सत्यापन, नियमित प्रशासनिक और वित्तिय कामकाज भी बाधित हो रहा है जबकि अधिकारिक परिपत्र, आदेश और नीतिगत निर्णय तक उपलब्ध नही है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की उपस्थिति से लेकर बजट अनुमोदन तक सब कुछ वेबसाईट के माध्यम से होता है, ऐसे में वेबसाईट ठप्प होने से सरकारी स्कूलों की कार्यवाही और पूरा शिक्षा निदेशालय का काम ठप्प पड़ा है।

श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि डिजीटल इंडिया और दिल्ली सरकार की प्रशासनिक कार्यवाही को पूरी तरह डिजिटल करने की दिशा में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 10 फरवरी को शिक्षा व्यवस्था को दिलशाद गार्डन और मानसरोवर गार्डन के सर्वोदय विद्यालय में नए शैक्षणिक ब्लॉकों तथा 101 अत्याधुनिक आईसीटी लैब का उद्घाटन करते हुए शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और डिजिटल बनाने की दिशा में उठाया कदम बताया था, लेकिन लंबे समय तक शिक्षा निदेशालय की वेबसाइट बंद रहना दिल्ली सरकार के डिजिटल विकास की पोल खोलता है।

श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने लगभग 23-24 हजार गेस्ट टीचर और अनुबधित टीचर के कंधों पर दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था को छोड़ा हुआ है और सरकारी स्कूलों में 10000 पदों की जरुरत दिखाकर सिर्फ 6787 पदों को भरने के लिए दिल्ली सरकार के भर्ती बोर्ड प्रक्रिया शुरु की है, लेकिन वो प्रशासनिक कारणों से बाधित पड़ी है। श्री यादव ने पूछा क्या 23-24 हजार गेस्ट टीचरों के पद रिक्त नही है क्योंकि वे शिक्षा विभाग में स्थाई तौर पर स्थाई कर्मचारियों के बराबर का काम तो कर रहे है लेकिन उन्हें वित्तिय भत्ते अनुबंधित कर्मचारियों के अनुसार नाम मात्र दिए जा रहे है।

श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि पिछली आम आदमी पार्टी की सरकार और वर्तमान भाजपा की सरकार ने अनुबंधित टीचरों को पक्का करने का वादा किया था लेकिन अरविन्द केजरीवाल ने पूरे 11 वर्ष गेस्ट टीचरों की भावना से खेलकर एक भी अस्थाई टीचर को स्थाई नही किया। उन्होंने कहा कि रेखा गुप्ता सरकार को अपने वायदे को निभाते हुए अनुबंधित कर्मचारियों को भी स्थाई कर्मचारी नियुक्त करना चाहिए क्योंकि वह लंबे समय से स्कूलों में छात्रों को शिक्षा देने का काम कर्तव्य निष्ठा के साथ कर रहे है।

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