रहस्य और सस्पेंस के साथ दहेज प्रथा पर करारा प्रहार करती है ‘12 D’ वेब सीरीज
12 D Web Series: दहेज प्रथा पर करारा प्रहार करती रहस्यमयी थ्रिलर सीरीज, यूट्यूब पर बटोर रही तारीफें
डेस्क, नई दिल्ली। आज के डिजिटल युग में यूट्यूब केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं रहा, बल्कि सामाजिक मुद्दों पर गंभीर और प्रभावशाली कहानियां प्रस्तुत करने का सशक्त मंच बन चुका है। ऐसी ही एक चर्चित वेब सीरीज है “12 D – (मरने के बाद ही घर वापस आना)”, जो रहस्यमयी थ्रिलर के माध्यम से दहेज प्रथा जैसी सामाजिक बुराई पर करारा प्रहार करती है। यह सीरीज बिपुल क्रिएशन्स के बैनर तले बनाई गई है और दर्शकों से लगातार सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त कर रही है।
इस सीरीज की खास बात यह है कि यह केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहती, बल्कि समाज को आईना दिखाने का साहसिक प्रयास करती है। कहानी की शुरुआत से ही माहौल गंभीर और रहस्यमय बना रहता है। हर एपिसोड दर्शकों को यह सोचने पर मजबूर करता है कि आज के आधुनिक समाज में भी दहेज जैसी कुप्रथा किस तरह जड़ों में जमी हुई है।
सीरीज का निर्देशन बिपुल कुमार ने किया है। निर्देशन में उनकी पकड़ शुरुआत से अंत तक मजबूत नजर आती है। कहानी को उन्होंने अनावश्यक भटकाव से बचाते हुए एक संतुलित गति में आगे बढ़ाया है। सस्पेंस और भावनात्मक पहलुओं का संयोजन दर्शकों को बांधे रखने में सफल रहता है। बिना जरूरत के ड्रामे को बढ़ाए कहानी की गंभीरता को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है, जो इस सीरीज को अन्य कंटेंट से अलग बनाता है।
“12 D” एक ऐसे अपराध की कहानी है, जिसे रोकना आसान नहीं दिखता। यह दर्शाती है कि किस प्रकार दहेज के नाम पर महिलाओं को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है। सीरीज में यह भी उजागर किया गया है कि कैसे एक लड़की अपनी पूरी जिंदगी और अपने परिवार की संपत्ति दांव पर लगाने को मजबूर हो जाती है। यह पहलू दर्शकों के मन में गहरी संवेदना और आक्रोश दोनों पैदा करता है।
डायरेक्टर व प्रोड्यूसर बिपुल कुमार की यह वेब सीरीज भावनात्मक ड्रामा के जरिए समाज में व्याप्त कुरीतियों पर सवाल उठाती है। यह केवल कहानी नहीं सुनाती, बल्कि दर्शकों को जागरूक करने का प्रयास करती है। सीरीज यह स्पष्ट संदेश देती है कि दहेज एक अपराध है और इसे किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। नैतिकता और मानवीय संवेदनाओं पर यह सीरीज गंभीर बहस को प्रेरित करती है।
अभिनय की बात करें तो कलाकारों ने अपने-अपने किरदारों को प्रभावशाली ढंग से निभाया है। इस सीरीज में बिपुल कुमार, प्रफुल्ल तिवारी, हिमांशी गोयल, दीपक मौर्य, अभिषेक शर्मा और आदित्य ने अपनी अदाकारी से दर्शकों को प्रभावित किया है। विशेष रूप से महिला किरदारों की पीड़ा और संघर्ष को जिस संवेदनशीलता से दिखाया गया है, वह कहानी को और अधिक वास्तविक बनाता है।
तकनीकी पक्ष भी इस सीरीज की मजबूती है। म्यूजिक और फोटोग्राफी कहानी के माहौल के अनुरूप है और सस्पेंस को और गहरा करता है। शूटिंग और एडिटिंग का जिम्मा राजन रॉक्सन ने संभाला है, जिन्होंने दृश्यात्मक गुणवत्ता को संतुलित और प्रभावशाली बनाए रखा है। सिनेमैटोग्राफी में अंधेरे और रहस्य का प्रभावी उपयोग किया गया है, जिससे थ्रिलर का असर और बढ़ जाता है।
यूट्यूब पर रिलीज होने के बाद से इस सीरीज को दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है। सोशल मीडिया पर भी इसकी चर्चा हो रही है और लोग इसकी कहानी और संदेश की सराहना कर रहे हैं। दर्शकों का मानना है कि इस तरह की सीरीज समाज को सोचने पर मजबूर करती हैं और बदलाव की दिशा में एक कदम साबित हो सकती हैं।
कुल मिलाकर, “12 D – (मरने के बाद ही घर वापस आना)” एक रहस्यमयी थ्रिलर के साथ-साथ सामाजिक चेतना की मजबूत आवाज है। यह सीरीज साबित करती है कि मनोरंजन के माध्यम से भी समाज की गंभीर समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाया जा सकता है। दहेज प्रथा के खिलाफ यह प्रयास न सिर्फ सराहनीय है, बल्कि जरूरी भी है।







